Day: September 17, 2024

"रात का घना अंधकार था, और तांत्रिक अपने कुछ सहयोगियों के साथ जंगल में हवन कर रहा था। मंत्रों का गूंजता हुआ स्वर दूर-दूर तक सुनाई दे रहा था, लेकिन कोई नहीं जानता था कि यह हवन किसके लिए हो रहा है। दूसरी ओर, राजकुमार अपनी प्रेमिका अनुरागिनी के लिए व्याकुल था, जिसे एक काले साये ने उठा लिया था। तांत्रिक ने रहस्य से परदा उठाया—अनुरागिनी कोई साधारण कन्या नहीं, बल्कि यक्षिणी थी, जो श्राप के कारण इस धरती पर विचरण कर रही थी। अब उसे पाने के लिए राजकुमार को उस बलशाली तांत्रिक से युद्ध करना होगा, जो अनुरागिनी की शक्तियों का उपयोग करने की योजना बना रहा था।"

अनुरागिनी यक्षिणी की प्रेम कहानी भाग 4

“रात का घना अंधकार था, और तांत्रिक अपने कुछ सहयोगियों के साथ जंगल में हवन कर रहा था। मंत्रों का गूंजता हुआ स्वर दूर-दूर तक सुनाई दे रहा था, लेकिन कोई नहीं जानता था कि यह हवन किसके लिए हो रहा है। दूसरी ओर, राजकुमार अपनी प्रेमिका अनुरागिनी के लिए व्याकुल था, जिसे एक काले साये ने उठा लिया था। तांत्रिक ने रहस्य से परदा उठाया—अनुरागिनी कोई साधारण कन्या नहीं, बल्कि यक्षिणी थी, जो श्राप के कारण इस धरती पर विचरण कर रही थी। अब उसे पाने के लिए राजकुमार को उस बलशाली तांत्रिक से युद्ध करना होगा, जो अनुरागिनी की शक्तियों का उपयोग करने की योजना बना रहा था।”

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