
माँ पराशक्ति पुस्तक वितरण सेवा – चारधाम यात्रा विशेष
माँ पराशक्ति पुस्तक वितरण सेवा – चारधाम यात्रा विशेष माँ पराशक्ति धर्म रहस्य सेवा के पावन उद्देश्य को आगे बढ़ाते

माँ पराशक्ति पुस्तक वितरण सेवा – चारधाम यात्रा विशेष माँ पराशक्ति धर्म रहस्य सेवा के पावन उद्देश्य को आगे बढ़ाते

गुरु पूर्णिमा 10-07-2025 पर MPDRST द्वारा पुस्तक वितरण कार्यक्रम स्थान: राजनंद गांव, छत्तीसगढ़ राज्यआयोजक: चिंता किरण चौधरी, जिला अध्यक्ष —

अमरावती जिले में मां पराशक्ति धर्म रहस्य सेवा ट्रस्ट के तत्वावधान में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व जिलाध्यक्ष सचिन भैया ने किया, जिसमें ठंड से बचाव हेतु कंबल वितरण और लोगों के लिए भोजन भंडारा का आयोजन किया गया।

इस भाग में अग्निदेव की परीक्षा अपने चरम पर पहुँचती है। बैल का हमला, साधक का संघर्ष, और गंगा नदी में मगरमच्छ से सामना – ये सब मिलकर एक अद्भुत रहस्यमयी कथा का निर्माण करते हैं। जानिए कैसे साधक ने अपनी परीक्षा को पार करने का प्रयास किया और माता गंगा के आशीर्वाद से किस तरह चमत्कार घटित हुआ।

सिद्ध लक्ष्मी योगिनी, जो माता लक्ष्मी का ही एक रूप हैं, तंत्र साधना में एक विशेष स्थान रखती हैं। दीपावली की रात्रि में उनकी साधना अत्यंत फलदायी मानी जाती है, जिससे साधक को धन, वैभव, और सिद्धियों की प्राप्ति होती है। यह साधना विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी है जो भौतिक और आध्यात्मिक उन्नति चाहते हैं। साधना के दौरान पीले वस्त्र और स्वर्ण आभूषणों से सजी देवी का चित्र या मूर्ति स्थापित करना चाहिए। मंत्र जाप और लक्ष्मी कवच का पाठ आवश्यक है। यह साधना शत्रुओं का नाश करती है और जीवन में आने वाली बाधाओं को समाप्त करती है।

पितृ दोष एक ज्योतिषीय दोष है, जो तब उत्पन्न होता है जब पूर्वजों की आत्मा अशांत होती है। इसका कारण श्राद्ध, तर्पण, और पिंडदान की कमी या अनैतिक कर्म हो सकता है। पितृ दोष के प्रभावों में संतान प्राप्ति में बाधा, आर्थिक संकट, स्वास्थ्य समस्याएं, परिवार में कलह, और अकाल मृत्यु शामिल हैं। इसके निवारण के लिए श्राद्ध कर्म, तर्पण, महामृत्युंजय मंत्र का जाप, हवन, और पीपल वृक्ष की पूजा करनी चाहिए। साथ ही, दान और सात्विक जीवनशैली अपनाना महत्वपूर्ण है। पितृ दोष से मुक्ति के लिए कुंडली का विश्लेषण कर उचित उपाय करना आवश्यक है।