Author: Dharam Rahasya

यह कथा एक राजकुमार की है, जो अनुरागीनी नामक यक्षिणी के प्रेम में पड़ जाता है और उसे प्राप्त करने के लिए तांत्रिक के कहने पर माता त्रिपुर भैरवी की कठिन तपस्या करता है। माता त्रिपुर भैरवी प्रसन्न होकर राजकुमार को दिव्य शक्तियां देती हैं, जिससे वह तांत्रिक से युद्ध करता है। हालांकि, तांत्रिक अनुरागीनी को यक्षलोक भेज देता है।

अनुरागिनी यक्षिणी की प्रेम कहानी भाग 5 अंतिम भाग

यह कथा एक राजकुमार की है, जो अनुरागीनी नामक यक्षिणी के प्रेम में पड़ जाता है और उसे प्राप्त करने के लिए तांत्रिक के कहने पर माता त्रिपुर भैरवी की कठिन तपस्या करता है। माता त्रिपुर भैरवी प्रसन्न होकर राजकुमार को दिव्य शक्तियां देती हैं, जिससे वह तांत्रिक से युद्ध करता है। हालांकि, तांत्रिक अनुरागीनी को यक्षलोक भेज देता है। अंततः, माता त्रिपुर भैरवी प्रकट होकर राजकुमार को बताती हैं कि वह अनुरागीनी को इस जीवन में नहीं, बल्कि अगले जन्म में प्राप्त करेगा। यह कहानी मिर्जापुर के एक प्राचीन मंदिर से जुड़ी है।

"रात का घना अंधकार था, और तांत्रिक अपने कुछ सहयोगियों के साथ जंगल में हवन कर रहा था। मंत्रों का गूंजता हुआ स्वर दूर-दूर तक सुनाई दे रहा था, लेकिन कोई नहीं जानता था कि यह हवन किसके लिए हो रहा है। दूसरी ओर, राजकुमार अपनी प्रेमिका अनुरागिनी के लिए व्याकुल था, जिसे एक काले साये ने उठा लिया था। तांत्रिक ने रहस्य से परदा उठाया—अनुरागिनी कोई साधारण कन्या नहीं, बल्कि यक्षिणी थी, जो श्राप के कारण इस धरती पर विचरण कर रही थी। अब उसे पाने के लिए राजकुमार को उस बलशाली तांत्रिक से युद्ध करना होगा, जो अनुरागिनी की शक्तियों का उपयोग करने की योजना बना रहा था।"

अनुरागिनी यक्षिणी की प्रेम कहानी भाग 4

“रात का घना अंधकार था, और तांत्रिक अपने कुछ सहयोगियों के साथ जंगल में हवन कर रहा था। मंत्रों का गूंजता हुआ स्वर दूर-दूर तक सुनाई दे रहा था, लेकिन कोई नहीं जानता था कि यह हवन किसके लिए हो रहा है। दूसरी ओर, राजकुमार अपनी प्रेमिका अनुरागिनी के लिए व्याकुल था, जिसे एक काले साये ने उठा लिया था। तांत्रिक ने रहस्य से परदा उठाया—अनुरागिनी कोई साधारण कन्या नहीं, बल्कि यक्षिणी थी, जो श्राप के कारण इस धरती पर विचरण कर रही थी। अब उसे पाने के लिए राजकुमार को उस बलशाली तांत्रिक से युद्ध करना होगा, जो अनुरागिनी की शक्तियों का उपयोग करने की योजना बना रहा था।”

भैरपुर गांव का किसान, राजेश कुमार, अपने बैलों के साथ खेत जोत रहा था जब अचानक बैल जमीन से हिलने से मना करने लगे। परेशान होकर, राजेश ने जमीन खोदनी शुरू की और एक पुराना, रहस्यमय बर्तन मिला, जिस पर अजीबोगरीब निशान थे। राजेश ने बर्तन को अपने घर ले जाने का फैसला किया, लेकिन उसके बाद से अजीब घटनाएं होने लगीं।

अभिशापित बर्तन: एक चुड़ैल की रहस्यमयी कहानी

भैरपुर गांव का किसान, राजेश कुमार, अपने बैलों के साथ खेत जोत रहा था जब अचानक बैल जमीन से हिलने से मना करने लगे। परेशान होकर, राजेश ने जमीन खोदनी शुरू की और एक पुराना, रहस्यमय बर्तन मिला, जिस पर अजीबोगरीब निशान थे। राजेश ने बर्तन को अपने घर ले जाने का फैसला किया, लेकिन उसके बाद से अजीब घटनाएं होने लगीं।

चुड़ैल का बर्तन सत्य घटना

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कहानी एक ऐसे चुड़ैल के बर्तन की जिसे प्राप्त करने के बाद एक व्यक्ति का सबसे ज्यादा धनी व्यक्ति बनता है चुड़ैल के इस रहस्य को इस कहानी के अनुसार

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